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Workshop organized by courtesy of Women’s Cell, self-defence training given to women and girls

महिलाओ की सहभागिता के बिना राष्ट्र का सतत विकास संभव नहीं: प्रो.श्रीवास्तव

चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय की महिला सेल के सौजन्य से कार्यशाला का हुआ आयोजन महिलाओं एवं छात्राओं को दिया आत्मरक्षा प्रशिक्षण

06मार्च भिवानी, राष्ट्र के विकास में पुरूषों का जितना योगदान है उतना ही योगदान महिलाओं का भी है।महिलाओं की सहभागिता के बिना राष्ट्र का सतत विकास संभव नहीं है ये विचार गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर सुनिता श्रीवास्तव ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की महिला सेल द्वारा महिलाओं के सतत विकास पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्यवक्ता महिला कर्मचारियों एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता न सिर्फ एक बुनियादी मानव अधिकार है, बल्कि एक शांतिपूर्ण और टिकाऊ विश्‍व के लिए आवश्‍यक बुनियाद भी है। महिलाओं को मुख्‍यधारा से बाहर रखने का मतलब दुनिया की आधी आबादी को संपन्‍न समाज और अर्थव्‍यवस्‍थाओं के निर्माण में भागीदारी के अवसर से वंचित रखना है। कुलसचिव डॉ.जितेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर देश का नाम रोशन किया है।हर सफल व्यक्ति के पिछे एक महिला का संघर्ष एवं योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की समान सुलभता, लाभकारी काम और राजनीतिक तथा आर्थिक निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी न सिर्फ महिलाओं के लिए आवश्‍यक अधिकार हैं, बल्कि इनसे कुल मिलाकर मानवता लाभान्वित होती है। महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश कर हम न सिर्फ सतत् विकास की दिशा में आगे बढ़ते हैं, बल्कि गरीबी कम करने में भी लाभ होता है तथा टिकाऊ आर्थिक वृद्धि को गति मिलती है।
ओएसडी प्रो.हरिदत्त कौशिक ने कहा कि भारत सरकार ने महिलाओं के प्रति हिंसा समाप्‍त करने को एक प्रमुख राष्‍ट्रीय प्राथमिकता माना है, जो लैंगिक समानता के बारे में संयुक्‍त राष्‍ट्र के सतत विकास उद्देश्‍यों का अंग है। प्रधानमंत्री की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ पहल का उद्देश्‍य भारत में लड़कियों को समान अवसर और शिक्षा देना है। इसके अलावा, महिलाओं के रोजगार के बारे में विशेष प्रयास, किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण के कार्यक्रम, बालिका की संपन्‍नता के लिए सुकन्‍या समृद्धि योजना और माताओं के लिए जननी सुरक्षा योजना जैसे उपाय लैंगिक समानता और लक्ष्‍य 4 के उद्देश्‍यों के प्रति भारत के संकल्‍प को आगे बढ़ाते हैं। विश्वविद्यालय की महिला सेल की संयोजिका डॉ.कृतिका ने विवि में महिला सेल के गठन के उद्देश्य और सेल द्वारा विश्वविद्यालय में महिलाओं के उत्थान के लिए संचालित कार्यक्रमों एवं गतिविधियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की।महिला सेल के प्रशिक्षण सत्र में जूडो कोच सुनिता दांगी तथा ताय कमांडो कोच पूनम ने महिला कर्मचारियों एवं छात्राओं को आत्म सुरक्षा के गुर सिखाये। उन्होंने आत्म सुरक्षा के सभी दावपेचों पर बारीकी से विचार रखे और प्रशिक्षण दिया। महिला सेल सह संयोजक रेखा जांगड़ा ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद किया। इस अवसर पर डीन प्रबंधन डॉ.विकास कुमार,डॉ.स्नेहलता शर्मा,डॉ.आशा पूनियां,डॉ.मोनिका मिगलानी,जया भारद्वाज, मोनिका, सहित सभी शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक महिला कर्मचारियों सहित सैकड़ों छात्रायें उपस्थित थी।