Menu Close

Two Day National Media Seminar

जनसंचार का प्रयोग सकारात्मक रूप में कर राष्ट्र निर्माण के भागीदार बनें युवा: प्रो.बी.के कुठियाला

चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्टडीज विभाग एवं दिल्ली साहित्य अकादमी के संयुक्त सौजन्य से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया सेमिनार का आयोजन किया गया

04 मार्च भिवानी, देश में सकारात्मक एवं नकारात्मक परिपेक्ष्य सामान्तर चलते रहते हैं कई बार दुर्भाग्य से नकारात्मक परिपेक्ष्य का वर्चस्व बन जाता है जोकि समाज एवं राष्ट्र के लिए घातक है इसलिए युवाओं को जनसंचार का प्रयोग सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए ये विचार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो.बीके कुठियाला ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्टडीज विभाग एवं साहित्य अकादमी दिल्ली के संयुक्त सौजन्य से मीडिया संस्कृति और सामाजिक विकास: मुद्दे और परिपेक्ष्य विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने में मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा है परंतु उस समय भी कुछेक मीडिया का रूख देश की तरफ ना होकर अंग्रेजी हुकूमत की ओर था। उन्होंने 1942 के एक समाचार पत्र के नकारात्मक लेख का जिक्र भी किया।
उन्होंने कहा कि मीडिया भी समाज का एक हिस्सा है उसे अपने दायित्व बोध के साथ समाज एवं राष्ट्र हित में निष्पक्ष एवं पारदर्शिता से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि मीडिया को नकारात्मक समाचार ना ही पैदा करने चाहिए और ना ही इन्हें आगे प्रेषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंचार के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र, संस्कृति एवं समाज के लिए शिक्षा प्रहरी के रूप में कार्य करने की जरूरत है। बतौर विशिष्ट अतिथि भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक डॉ.के.जी सुरेश ने कहा कि मीडिया ने हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। मीडिया में नई तकनीक आई हैं जिनमें से सोशल मीडिया भी एक है। आज सोशल मीडिया का प्रचलन तो बढ़ा है परन्तु उस प्रसारित नकारात्मक सामग्री ने लोगों भ्रमित कर हिंसा और उपद्रवों को बढ़ावा दिया है। सोशल मीडिया के भंयकर दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं। आज हमारी संस्कृति एवं समाज को नष्ट करने की कुचेष्टा हो रही है। देश के युवाओं को इससे जागरूक होकर राष्ट्र हित में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।
उन्होंने आगाह किया कि टिक टॉक जैसी विदेशी कंपनियों द्वारा चंद पल की लोकप्रियता के लिए राष्ट्र एवं संस्कृति से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंनें मोबाईल के दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। विश्वविद्यालय के कुलपति
प्रो.आर.के मित्तल ने संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्टडीज विभाग के राष्ट्रीय सेमिनार में मीडिया एवं शिक्षा जगत की बड़ी हस्तियों का पधारना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। भारत विश्व का सबसे युवा देश है। आज युवाओं को सही एवं संस्कारी शिक्षा प्रदान करने की जरूरत है ताकि शिक्षित एवं संस्कारी युवा राष्ट्र के सामाजिक एवं ग्रामीण विकास के सहभागी बन सकें। उन्होंने बेरोजगारी की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च शिक्षा की त्रुटियां दुर कर उधमशीलता एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित कर स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट विलेज बनाये जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में जनसंचार को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में कम्युनिटी रेडियो सैंटर स्थापित किया जायेगा और सभी आवश्यक सुविधाओं को उपलब्ध कराया जायेगा। कुलसचिव डॉ.जितेन्द्र कुमार भारद्वाज ने सभी मुख्यातिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार रखे। डीन डॉ.सुधीर कुमार ने मीडिया एंड कम्युनिकेशन स्टडीज विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सेमिनार के लिए आयोजक विभाग को बधाई दी। सेमिनार के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ.रविप्रकाश ने सेमिनार की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंच का संचालन डॉ.स्नेहलता शर्मा ने किया। सेमिनार की सह-संयोजक डॉ उमा कुमारी शाह एवं डॉ.शिखा थी। इस अवसर पर प्रो.जी.पी पांडे, अनिल गुप्ता, डॉ.वजीर नेहरा,परीक्षा नियंत्रक डॉ.पवन गुप्ता,प्रो.संजीव कुमार, डॉ.सुरेश मलिक, डॉ.दिपक कुमारी, डॉ.सुशिला, डॉ.महक, मंजूलता,सहायक प्रचार-प्रसार अधिकारी ऋषि कुमार सहित सैंकड़ों विद्यार्थियों ने सहभागिता की।