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हरियाणवी फिल्मों में अपना भविष्य संवारे युवा: डॉ.जितेन्द्र भारद्वाज

भारतीय चित्र साधना, विश्व संवाद केंद्र एवं चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के संयुक्त सौजन्य से फिल्म निर्माण एवं प्रोत्साहन पर एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया

04 फरवरी भिवानी, फिल्मों में रुचि रखने वाले युवाओं को हरियाणवी फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहिए। हरियाणवी कला एवं संस्कृति पर हमें पूर्णतया गर्व है, प्रदेश के प्रत्येक युवा को हरियाणवी कला एवं संस्कृति के प्रचार प्रसार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। ये विचार कुलसचिव डॉ.जितेन्द्र कुमार भारद्वाज ने चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में फिल्म निर्माण एवं प्रोत्साहन पर भारतीय चित्र साधना, विश्व संवाद केंद्र एवं विश्वविद्यालय के जनसंपर्क मामले विभाग के संयुक्त सौजन्य से आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहे।
अभिनेता एवं निर्देशक हरिओम कौशिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणवी फिल्म निर्माण में युवाओं के सामने अपना भविष्य संवारने की अपार संभावनाएं हैं ।उन्होंने कहा कि जल्द ही हरियाणा सरकार प्रदेश की अपनी फिल्म नीति घोषित कर रही है जिसमें हरियाणवी लोक कला एवं संस्कृति के साथ हरियाणवी फिल्मों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा ।उन्होंने विद्यार्थियों को एक्टिंग एवं फिल्म निर्देशन के साथ-साथ शार्ट फिल्म निर्माण की बारीकियां बताई। हरियाणवी लोक कलाकार गगन हरियाणवी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणवी लोक संस्कृति एवं कला से जुड़ा रहना बड़ी बात है ।उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति हमें पूरे देश में ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाती है। उन्होंने कहा कि युवा कलाकारों को इस हरियाणवी कला एवं संस्कृति की पहचान को बनाए रखने के लिए हरियाणवी फिल्मों और गीतों का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में भी हरियाणा की कई फिल्में सुपरहिट हुई हैं जिनसे हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि सूर्य कवि दादा पं लख्मीचंद के आदर्शों को हरियाणा के युवाओं को अपनाना चाहिए और सांग, रागनी ,लोकगीत,हरियाणवी कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी चाहिए।
निर्देशक लेखक विकास बेरवाल ने विद्यार्थियों को फिल्मों के निर्माण लेखनी और उनके महत्व पर बारीकियां बताई। उन्होंने विद्यार्थियों को कई प्राचीन एवं आधुनिक फिल्मों की बारीकियाँ दिखाई और भारतीय सिनेमा के इतिहास एवं बदलते स्वरूप पर विस्तृत विचार रखे। उन्होंने भारतीय सिनेमा की गई शुरूआती फिल्मों से लेकर के अब तक की आधुनिक फिल्मों पर तकनीकी ज्ञान वर्धन किया।उन्होंने भारतीय चित्र साधना द्वारा प्रस्तावित चित्र साधना फिल्म महोत्सव 2020 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित कर किया गया। विश्वविद्यालय के युवा कल्याण विभाग के सचिव डॉ.सतबीर सिंह ने सभी अतिथियों एवं युवा कलाकारों का स्वागत एवं धन्यवाद किया। मंच का संचालन सहायक कुलसचिव अतुल गोयल ने किया।वर्कशॉप में लगभग 150 युवा कलाकारों ने सहभागिता की। मुख्यातिथियों द्वारा सभी प्रतिभागी कलाकारों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी अतिथि कलाकारों को विश्वविद्यालय की ओर से शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया।