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चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में हुआ विस्तृत व्याख्यान का आयोजन

2 मार्च भिवानी, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में एनएसएस यूनिट के द्वारा सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (सीएए)पर एक विस्तृत व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के लॉ विभाग के प्रोफेसर डॉ देवेंद्र सिंह ने एनएसएस वॉलिंटियर्स को सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट के बारे में बताया। व्याख्यान के आरम्भ में डॉ.आशा पुनिया ने डॉ.देवेंद्र सिंह को चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय परिवार के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। इसके पश्चात डीन विद्यार्थी कल्याण डॉ.सुरेश मलिक डीन ने एनएसएस द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तार पूर्वक जानकारी पेश की। उन्होंने बताया कि चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के एनएसएस वॉलिंटियर्स अलग-अलग समय पर समाज एवं जनकल्याणकारी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। यूनिवर्सिटी में होने वाली विभिन्न गतिविधियों के ऑर्गनाइजेशन में भी एनएसएस वॉलिंटियर्स हमेशा अपना पूर्ण योगदान देते हैं एनएसएस वॉलिंटियर्स की हमेशा सबको साथ लेकर चलने वाली इस भावना का उन्होंने सम्मान किया! डॉ.देवेंद्र सिंह ने बताया कि भारत की आजादी के समय भारत के सभी नागरिकों को नागरिकता दी गई थी चाहे वह बांग्लादेश के हो या पाकिस्तान के उसके पश्चात भी अलग-अलग समय पर अलग-अलग धर्मों के लोगों को भारत ने हमेशा नागरिकता दी है उन्होंने बताया कि भारत हमेशा से ही सर्व धर्म सद्भावना में यकीन करने वाला देश रहा है। सिटीजनशिप एक्ट भी जैसा कि भड़काऊ भाषणों द्वारा कहा जा रहा है ऐसा उसमें कुछ भी नहीं है।उन्होंने कहा कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट कहता है कि जितने लोग भारत में रजिस्टर्ड हैं तथा जिन पर पासपोर्ट कानून लागू नहीं होता उन सभी को नागरिकता दी गई है इस कानून से लगभग 30000 लोगों को लाभ होगा उन्होंने बताया कि यह सिटीजनशिप एक्ट 1995 के सिटीजनशिप एक्ट को बदल कर बनाया गया है।इसमें पाकिस्तान बांग्लादेश व अफ़गानिस्तान से आने वाले धार्मिक रूप से सताए गए हिंदू बुद्धिस्ट जैन क्रिश्चियन सिख व पारसी धर्म के शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने की बात है उन्होंने कहा कि इस एक्ट को बनाने की कार्यवाही 2016 में ही शुरू हो गई थी जब यह एक्ट लोकसभा में पेश किया गया था इसके पश्चात विभिन्न पार्टियों की कमेटी ने अलग-अलग लेवल पर इस पर गहन विचार विमर्श किया तथा बाद में यह राज्यसभा में भी पेश किया गया। किंतु अब यह पहली बार 2019 में पास किया गया है व्हाट्सएप तथा फेसबुक पर इस एक्ट पर भ्रामक जानकारियां शेयर की जा रही हैं। विद्यार्थियों को उस पर न जाकर इसके विभिन्न बिंदुओं को ध्यान से पढ़ना चाहिए उन्होंने विद्यार्थियों को लॉजिक के अनुरूप चलने की भी सलाह दी। विभिन्न विभागों से आए अलग-अलग विद्यार्थियों ने फैसले पर डॉ.देवेंद्र सिंह से अपने अलग-अलग प्रश्न पूछे जिनके जवाब प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ने बहुत ही सरल भाषा में दिए। कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ.आनंद मलिक ने सभी का धन्यवाद किया ।इस विस्तृत व्याख्यान में लगभग दो सौ से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।